
कुल्टी बोरो क्षेत्र में कांग्रेस ने लगाया वित्तीय अनियमितता के आरोप, की जांच की मांग
न्यूज डेस्क, आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के कुल्टी बोरो कार्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कुल्टी ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को आसनसोल नगर निगम मुख्यालय में विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो नगर निगम के कुल्टी बोरो कार्यालय में कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से जनता के टैक्स और नगर निगम के राजस्व से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की कमी रही है, जिसकी जांच आवश्यक है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल नगर निगम की प्रशासक अदिति चौधरी को ज्ञापन सौंपने पहुंचा। हालांकि, उस समय प्रशासक कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए अपने मांगपत्र की प्रति उनके कार्यालय कक्ष के बाहर चिपका दी और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में कुल्टी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुकांत दास, गौरव रॉय, मोहम्मद सोहराब, मोहम्मद तबरेज सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए कुल्टी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुकांत दास ने आरोप लगाया कि यदि वर्ष 2023-24 के दौरान कुल्टी बोरो कार्यालय के वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक कार्यों का स्वतंत्र एवं विस्तृत ऑडिट कराया जाए तो कई बड़ी अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि टैक्स विभाग में कार्यरत कुछ स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों ने नागरिकों से विभिन्न मदों में कर की राशि तो वसूल की, लेकिन कथित रूप से उस धनराशि को नगर निगम के अधिकृत खाते में जमा करने के बजाय उसका दुरुपयोग किया। सुकांत दास ने आरोप लगाया कि प्रारंभिक स्तर पर करीब 80 लाख रुपये के गबन की आशंका जताई जा रही है, लेकिन यदि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए तो यह राशि करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि यह केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न पार्किंग जोनों में पार्किंग शुल्क के नाम पर भी बड़े पैमाने पर राजस्व की कथित हेराफेरी हुई है। उनके अनुसार, पार्किंग से प्राप्त होने वाली करोड़ों रुपये की राशि के उपयोग और लेखा-जोखा की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संबंधित ठेकेदारों और नगर निगम के जिन अधिकारियों की भूमिका रही है, उनकी भी जांच के दायरे में लाया जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन पारदर्शिता में विश्वास रखता है तो पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा सक्षम प्राधिकरण से कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आने वाले दिनों में और व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए तथा जनता के धन की कथित हानि की भरपाई सुनिश्चित की जाए। इस मामले में आसनसोल नगर निगम अथवा संबंधित अधिकारियों की ओर से इस समाचार के समय तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








