
न्यूज डेस्क, आसनसोल : लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर आसनसोल में तैयारियां तेज हो गई हैं। छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभिन्न घाटों पर साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने आसनसोल शहर के प्रमुख तपसी बाबा छठ घाट का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाट तक पहुंचने वाले रास्तों, श्रद्धालुओं की आवाजाही और पूजा के समय आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों से चर्चा की । विधायक ने पूजा के दौरान सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित सुविधाओं को समय रहते दुरुस्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि महापर्व के अवसर पर घाट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को होने वाली संभावित परेशानियों को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं करने पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने छठ घाट तक पहुंचने वाली सड़क को समतल करने, महिलाओं के लिए पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम तैयार कराने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से घाट तक अस्थायी स्ट्रीट लाइट लगाने की घोषणा की। इसके अलावा श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए 12 अस्थायी पुल बनाने की बात भी कही। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य पूजा के दौरान घाट पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और व्रतियों के आने-जाने को सुविधाजनक बनाना है। पूजा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के एक साथ घाट पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए रास्तों की स्थिति, रोशनी और सुरक्षित आवागमन को विशेष महत्व दिया जा रहा है। विधायक ने स्थानीय लोगों के साथ बातचीत के दौरान घाट से जुड़ी आवश्यकताओं को समझा और तैयारियों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने पर बल दिया। मौके पर भाजपा नेता प्रदीप सिंह, जनार्दन सिंह, प्रकाश सहित कई स्थानीय लोग मौजूद थे। छठ महापर्व को ध्यान में रखते हुए तपसी बाबा घाट पर साफ-सफाई का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। घाट परिसर की सफाई के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई है, ताकि पूजा से पहले घाट और उसके आसपास के हिस्सों को व्यवस्थित किया जा सके। साफ-सफाई के साथ ही पहुंच मार्ग और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए घाट को पूजा के अनुकूल तैयार करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।