
न्यूज डेस्क, कुल्टी : साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाना की पुलिस ने नियामतपुर के रूईदासपाड़ा में छापेमारी कर कथित साइबर ठगी के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन और दो मोटरबाइक भी जब्त की हैं। पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य सामानों की जांच कर रही है, ताकि साइबर अपराध से इनके संभावित संबंधों के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुजीत रूईदास, आकाश रूईदास, जितेन रूईदास, राजकुमार रूईदास, उज्ज्वल दास, सुनील रूईदास और राज रूईदास के रूप में हुई है। सभी आरोपी रूईदासपाड़ा इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को पहले नियामतपुर फांड़ी ले जाया गया। वहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें आसनसोल साइबर थाना लाया गया। पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों से पूछताछ शुरू की है, जिसके माध्यम से साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क, कथित तौर पर उनकी भूमिका और अन्य लोगों के साथ उनके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने छह मोबाइल फोन और दो मोटरबाइक जब्त की हैं। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह भी पता लगाया जा रहा है कि जब्त किए गए मोबाइल फोन चोरी के हैं या नहीं और उनका इस्तेमाल किसी साइबर अपराध में किया गया था या नहीं। मोबाइल फोन की जांच से पुलिस को कथित साइबर ठगी से जुड़े संपर्कों, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल लेनदेन और अन्य संभावित सुरागों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही जब्त उपकरणों और आरोपियों की कथित भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गिरफ्तार सातों आरोपियों को मंगलवार को आसनसोल अदालत में पेश किया गया। पुलिस की ओर से अदालत के समक्ष आरोपियों से पूछताछ की आवश्यकता से संबंधित पक्ष रखा गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किसी बड़े साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं तथा कथित साइबर ठगी की घटनाओं में प्रत्येक की क्या भूमिका रही है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 7 सितंबर को भी रूईदासपाड़ा इलाके में साइबर अपराध के खिलाफ छापेमारी की गई थी। उस कार्रवाई में पुलिस ने कथित तौर पर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, डेस्कटॉप कंप्यूटर, मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए थे। पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कथित साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उन सूचनाओं की जांच शुरू की। इसी जांच और मिले सुरागों के आधार पर मंगलवार को रूईदासपाड़ा में दोबारा अभियान चलाया गया और सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों और पहले पकड़े गए लोगों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है। जांच का एक प्रमुख पहलू यह पता लगाना है कि क्या सभी आरोपी एक ही साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा हैं या अलग-अलग स्तर पर काम करते थे। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच के साथ-साथ आरोपियों से पूछताछ कर यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि साइबर ठगी के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था, संभावित पीड़ितों तक किस तरह पहुंच बनाई जाती थी और ठगी की रकम के लेनदेन में किन खातों या अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य ऐसे नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करना और साइबर ठगी से संबंधित मामलों की कड़ियों को जोड़ना है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अनजान फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी पहचान और ऑनलाइन पैसे की मांग करने वाले लोगों से सावधान रहें। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने और शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है, ताकि मामले में समय रहते कार्रवाई की जा सके।