
आसनसोल नगर निगम के सचिव बने अभिजीत सामंता, विकास कार्यों में आएगी रफ्तार
न्यूज डेस्क, आसनसोल : आसनसोल नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती देने और लंबे समय से प्रभावित विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने वरिष्ठ डब्ल्यूबीसीएस (एक्जीक्यूटिव) अधिकारी अभिजीत सामंता को नगर निगम का नया सचिव नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति को नगर निगम के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। निगम प्रशासन ने उनके पदभार ग्रहण की तैयारियां तेज कर दी हैं और संभावना है कि वह सोमवार तक अपना कार्यभार संभाल लेंगे। जानकारी के अनुसार, 2008 बैच के डब्ल्यूबीसीएस (एक्जीक्यूटिव) अधिकारी अभिजीत सामंता वर्तमान में नदिया जिले में प्रोजेक्ट ऑफिसर-कम-डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर ऑफिसर (पीओ-कम-डीडब्ल्यूओ) के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव रखने वाले अभिजीत सामंता से उम्मीद की जा रही है कि वे आसनसोल नगर निगम की कार्यप्रणाली को नई गति देंगे और लंबित योजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि पूर्व नगर निगम सचिव कृष्णेंदु मंडल के तबादले के बाद सचिव का पद खाली होने से निगम के कई प्रशासनिक और विकास संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे थे। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण कई फाइलें लंबित थीं, वहीं विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों की प्रक्रिया भी धीमी पड़ गई थी। इसी बीच नगर निगम का निर्वाचित बोर्ड भी भंग हो चुका है, जिसके बाद निगम का संचालन प्रशासनिक स्तर पर किया जा रहा है। वर्तमान में आईएएस अधिकारी अदिति चौधरी को नगर निगम का प्रशासक नियुक्त किया गया है और उनकी देखरेख में निगम के दैनिक कार्यों का संचालन हो रहा है। ऐसे समय में सचिव की नियुक्ति को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नगर निगम सूत्रों का कहना है कि नए सचिव के कार्यभार संभालने के बाद विकास परियोजनाओं की समीक्षा, लंबित फाइलों का शीघ्र निपटारा, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। जलापूर्ति, सड़क, नाली, सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं को भी गति मिलने की संभावना है। शहरवासियों को भी उम्मीद है कि नए सचिव के आने से नगर निगम की कार्यशैली अधिक प्रभावी होगी और नागरिक समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी। लंबे समय से लंबित कई विकास परियोजनाओं को नई दिशा मिलने के साथ-साथ निगम की प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।