
जोरापोखर / धनबाद : धनबाद जिले के बीसीसीएल एरिया-10 अंतर्गत जियालगोरा क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ बुधवार को बड़े स्तर पर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), स्थानीय प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन की संयुक्त टीम ने जोरापोखर थाना क्षेत्र के बागड़ीगी बस्ती स्थित बागड़ीगी तालाब के समीप जंगलों में छापेमारी कर करीब 10 टन अवैध कोयला जब्त किया। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से क्षेत्र में जंगलों और सुनसान इलाकों में अवैध रूप से कोयला जमा कर तस्करी किए जाने की सूचना मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर बुधवार को संयुक्त टीम ने पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत अभियान चलाया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीआईएसएफ के जवानों, स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और बीसीसीएल के अधिकारियों ने जंगल के विभिन्न हिस्सों में सघन तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान टीम को जंगल में अलग-अलग स्थानों पर बड़ी मात्रा में अवैध रूप से जमा किया गया कोयला मिला। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कोयले को जब्त कर उसका आकलन किया, जिसमें करीब 10 टन कोयला बरामद हुआ। बाद में जब्त कोयले को बीसीसीएल प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया गया। हालांकि संयुक्त टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही अवैध कारोबार से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए, जिसके कारण किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बावजूद अधिकारियों का कहना है कि अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन और कोयला तस्करी को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। विशेष रूप से जंगलों, बंद खदानों और संवेदनशील इलाकों में नियमित रूप से संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सरकारी संपत्ति की चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। संयुक्त टीम के अधिकारियों ने कहा कि अवैध कोयला कारोबार न केवल बीसीसीएल को आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे खदान क्षेत्रों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। कई बार अवैध खनन के दौरान हादसे भी हो चुके हैं, इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई होने के बावजूद कुछ असामाजिक तत्व जंगलों और सुनसान क्षेत्रों में अवैध रूप से कोयला जमा कर तस्करी का प्रयास करते रहते हैं। ऐसे में नियमित छापेमारी और कड़ी निगरानी ही इस अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगा सकती है। संयुक्त टीम ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और कोयला तस्करी के खिलाफ आगे भी इसी तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध कोयला कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और गश्त को और मजबूत करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
