
आसनसोल : स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु पर टिकी होती है। इसी उद्देश्य को लेकर रोटरी क्लब ऑफ आसनसोल की ओर से अपने सामाजिक प्रकल्प “स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु” के तहत बुधवार को आसनसोल के आरसीआई रोड स्थित उत्तर धादका एफपी स्कूल में एक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने भाग लिया, जहां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। शिविर के दौरान 40 से अधिक माताओं और गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। मेडिकल टीम ने महिलाओं का वजन, रक्तचाप (बीपी), रक्त शर्करा (मधुमेह) सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए। जांच के बाद चिकित्सकों ने प्रत्येक महिला को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक परामर्श भी दिया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान तथा शिशु के जन्म के बाद माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व से अवगत कराना था। विशेषज्ञों ने बताया कि जानकारी के अभाव में कई महिलाएं और नवजात बच्चे कुपोषण का शिकार हो जाते हैं, जिसका असर बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ता है।शिविर में मौजूद एचएलजी अस्पताल, आसनसोल की मेडिकल टीम तथा डायग्नोस्टिक सेंटर के विशेषज्ञों ने माताओं को समझाया कि गर्भावस्था के दौरान शरीर की पोषण संबंधी आवश्यकताएं सामान्य महिलाओं की तुलना में अधिक होती हैं। वहीं, प्रसव के बाद भी मां के खान-पान का सीधा प्रभाव शिशु के स्वास्थ्य पर पड़ता है, क्योंकि शुरुआती महीनों में बच्चे को आवश्यक पोषण मां के दूध से ही प्राप्त होता है।
पोषण विशेषज्ञ (न्यूट्रिशनिस्ट) ने कहा कि आज भी देश के कई ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में पोषण संबंधी सही जानकारी के अभाव में गर्भवती महिलाएं तथा नवजात शिशुओं की माताएं कुपोषण की समस्या से जूझ रही हैं। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड, विटामिन और हरी सब्जियों सहित संतुलित भोजन नियमित रूप से लेना चाहिए। साथ ही पर्याप्त पानी पीने, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और चिकित्सकों की सलाह का पालन करने की भी अपील की गई। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि यदि गर्भावस्था और प्रसव के बाद उचित पोषण तथा नियमित स्वास्थ्य जांच पर ध्यान दिया जाए तो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है और कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से भी काफी हद तक बचा जा सकता है। इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ आसनसोल के प्रतिनिधियों ने कहा कि संस्था समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करती रही है। भविष्य में भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में रोटरी क्लब ऑफ आसनसोल के पदाधिकारी, एचएलजी अस्पताल की मेडिकल टीम, डायग्नोस्टिक सेंटर के स्टाफ, स्थानीय विद्यालय के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। शिविर के अंत में सभी माताओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संतुलित पोषण पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया गया।





