जामताड़ा में 3 कथित साइबर ठग गिरफ्तार, 4 मोबाइल और 6 सिम कार्ड बरामद

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जामताड़ा / नारायणपुर : साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जामताड़ा साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के फुलझरिया गांव में छापेमारी कर तीन कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच के जरिए साइबर ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाने में जुटी है। इन पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए ठगी के आरोप लगे हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों पर गूगल वेबसाइट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर लोगों को अपने जाल में फंसाने का आरोप है। बताया गया है कि आरोपी विभिन्न सेवाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान के नाम पर लोगों की कॉल प्राप्त करते थे। इसके बाद वे संबंधित व्यक्तियों को स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करने के लिए कहते थे। आरोप है कि स्क्रीन शेयरिंग एप के माध्यम से पीड़ितों के मोबाइल फोन तक पहुंच बनाकर उनकी बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल की जाती थी। इस जानकारी का इस्तेमाल कर कथित तौर पर साइबर ठगी की जाती थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों ने कितने लोगों को अपना निशाना बनाया और इस गतिविधि में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। जामताड़ा साइबर पुलिस ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के फुलझरिया में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार किया। मौके से बरामद चार मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड को जांच के लिए जब्त किया गया है। इन उपकरणों की जांच से कथित साइबर अपराध से जुड़े संपर्कों, इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और संभावित ठगी के तरीकों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बरामद उपकरणों से संबंधित विस्तृत तकनीकी जांच और ठगी की कुल रकम को लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है। इस कार्रवाई के साथ ही साइबर थाना पुलिस ने आम लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने लोगों को अनजान नंबरों से आने वाली कॉल, संदिग्ध लिंक और कस्टमर केयर के नाम पर संपर्क करने वाले व्यक्तियों से सावधान रहने की सलाह दी है। पुलिस के मुताबिक, किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करना या मोबाइल स्क्रीन साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। इसके अलावा, बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील विवरण किसी के साथ साझा नहीं करने चाहिए। अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो उसे बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जामताड़ा साइबर पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ जारी प्रयासों के तहत देखा जा रहा है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े मामलों की आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी, ताकि कथित ठगी के नेटवर्क और इससे प्रभावित लोगों के बारे में अधिक जानकारी सामने आ सके। पुलिस की अपील है कि अनजान कॉल और लिंक से सावधान रहें, अपनी बैंकिंग जानकारी गोपनीय रखें और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

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