
परबलिया कोलियरी के समक्ष बाबा साहब की भव्य प्रतिमा स्थापितआसनसोल : भारत के संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार आज भी सामाजिक समानता, न्याय और लोकतंत्र की मजबूत नींव माने जाते हैं। इन्हीं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ईसीएल के सोदपुर एरिया अंतर्गत परबलिया कोलियरी परिसर में बाबा साहब की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के सोदपुर एरिया अंतर्गत परबलिया कोलियरी परिसर में शनिवार को भारत रत्न एवं भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का विधिवत उद्घाटन किया गया। समारोह श्रद्धा, सम्मान और गरिमामय वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ईसीएल के अधिकारी, कर्मचारी, श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ईसीएल सोदपुर एरिया के महाप्रबंधक जितेंद्र प्रसाद सिंह तथा सिस्टा (सिस्ट) के महासचिव दीनानाथ उपासक ने संयुक्त रूप से प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद सभी अतिथियों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।वीओ-2इस अवसर पर वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष, सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान और संविधान निर्माण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने अपने विचारों और कार्यों से देश को समानता, शिक्षा, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों का मार्ग दिखाया। उनके आदर्श आज भी समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत हैं।सिस्टा के महासचिव दीनानाथ उपासक ने कहा कि लंबे समय से संगठन की मांग थी कि ईसीएल के प्रत्येक एजेंट कार्यालय में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जाए, ताकि अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन उनके विचारों से प्रेरणा ले सकें। उन्होंने बताया कि परबलिया कोलियरी में प्रतिमा स्थापना के साथ इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है और आने वाले समय में ईसीएल के अन्य एजेंट कार्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से बाबा साहब की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।ईसीएल सोदपुर एरिया के महाप्रबंधक जितेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए उनका योगदान हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कर्मचारियों से बाबा साहब के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और ईमानदारी, अनुशासन तथा समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की प्रगति केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके कर्मचारियों की सकारात्मक सोच, समानता और आपसी सम्मान की भावना से होती है, जिसकी प्रेरणा बाबा साहब के विचारों से मिलती है।दीनानाथ उपासक, महासचिव, समारोह में प्रमोद कुमार सिंह (एजेंट, परबलिया कोलियरी), अभिषेक बनर्जी (क्षेत्रीय प्रबंधक, सोदपुर), अजय कुमार (सिस्टा अध्यक्ष) सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सिस्टा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और संविधान में निहित मूल्यों की रक्षा करने का संकल्प लिया।पीस-टू-कैमरा (समापन)परबलिया कोलियरी में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, शिक्षा और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश भी है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में ईसीएल के अन्य कार्यालयों में भी इसी तरह की पहल देखने को मिलेगी।