104 किलो गांजे के साथ नई कार जब्त, तस्कर फरार; पुलिस नेटवर्क खंगालने में जुटी

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न्यूज डेस्क, आसनसोल : आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (डीडी) टीम ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 104 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने एक बिल्कुल नई चार पहिया कार भी जब्त की है, हालांकि वाहन में सवार सभी तस्कर मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की टीम ने कुल्टी थाना अंतर्गत कल्याणेश्वरी फाड़ी पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। विश्वसनीय गुप्त सूचना के आधार पर कल्याणेश्वरी लेफ्ट बैंक स्थित पुलिस बागान इलाके में सघन जांच अभियान शुरू किया गया। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर से एक चार पहिया वाहन में भारी मात्रा में गांजा लादकर पश्चिम बंगाल में प्रवेश किया जाएगा। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध चार पहिया वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही वाहन में सवार लोग कार छोड़कर अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले। पुलिस ने उनका पीछा भी किया, लेकिन वे अंधेरे और आसपास के इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने वाहन की गहन तलाशी ली। कार की डिग्गी से 100 अलग-अलग पैकेट बरामद हुए, जिनमें कुल 104 किलोग्राम गांजा छिपाकर रखा गया था। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने पूरे गांजे को जब्त कर वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि जब्त की गई कार बिल्कुल नई है और उस पर किसी प्रकार की नंबर प्लेट नहीं लगी थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि तस्करों ने पहचान छिपाने और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए बिना पंजीकरण वाले वाहन का इस्तेमाल किया था। पुलिस अब वाहन के चेसिस नंबर और इंजन नंबर के आधार पर उसके मालिक, खरीददार और तस्करी में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अधिकारियों का मानना है कि यह किसी संगठित अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह का मामला हो सकता है। जांच इस बात की भी की जा रही है कि गांजे की खेप झारखंड से लाई गई थी या किसी अन्य राज्य से होकर यहां पहुंची थी तथा इसे पश्चिम बंगाल के किस जिले या किन इलाकों में पहुंचाया जाना था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। फरार तस्करों की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही वाहन के तकनीकी और दस्तावेजी रिकॉर्ड की जांच कर पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने और आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।

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