
न्यूज डेस्क आसनसोल : आसनसोल नगर निगम मुख्यालय मोड़ के समीप चल रहे हेलमेट जांच अभियान के दौरान एक युवक और ट्रैफिक पुलिस के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। आसनसोल साउथ थाना पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने तथा जांच के दौरान प्रतिबंधित नशीला पदार्थ बरामद होने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रेंगानिया पाड़ा निवासी शुभम ठाकुर अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर बिना हेलमेट आसनसोल नगर निगम मुख्यालय के पास से जा रहा था। वहां हेलमेट जांच अभियान चलाया जा रहा था। जांच अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रोककर आवश्यक दस्तावेजों की जांच शुरू की। इसी दौरान युवक ने स्वयं को पत्रकार बताते हुए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि, पूछताछ के दौरान वह किसी मान्य पत्रकार पहचान पत्र को प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस का कहना है कि युवक ने पहले अपने पत्रकार होने का दावा किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ किए जाने पर उसने स्वीकार किया कि वह पत्रकारिता से जुड़ा नहीं है। आरोप है कि इस दौरान उसने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। घटना के बाद उसे आसनसोल साउथ थाना ले जाया गया। थाना में ली गई तलाशी और जांच के दौरान उसके पास से हेरोइन और गांजा जैसी प्रतिबंधित सामग्री बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है। इसके अलावा, युवक को छुड़ाने के लिए पहुंचे उसके एक परिचित को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। आसनसोल साउथ थाना के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और बरामद नशीले पदार्थों के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले के सभी पहलुओं की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालान की प्रक्रिया शुरू होते ही युवक पुलिसकर्मियों से उलझ गया, जिससे मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि हेलमेट जांच अभियान सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी। मामले की जांच पूरी होने के बाद आगे की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच हो रही है। जांच प्रक्रिया होने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।
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