घासी राम अग्रवाल स्मृति सम्मान–2026 से सम्मानित हुए डॉ. अरुणा सोनी एवं शम्भु नाथ झा

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न्यूज डेस्क, आसनसोल : शिल्पांचल की प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था “आस्था” की ओर से स्वर्गीय घासी राम अग्रवाल की 14वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आसनसोल चैंबर ऑफ कॉमर्स के सभागार में भव्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, समाजसेवा, उद्योग और संस्कृति जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरे आयोजन में साहित्य, सामाजिक सरोकार और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं अग्रवाल परिवार के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद स्वर्गीय घासी राम अग्रवाल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। वक्ताओं ने उनके साहित्य प्रेम, सामाजिक योगदान और “आस्था” संस्था की स्थापना के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्था आज भी उनके सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर “चतुर्दशी घासी राम अग्रवाल स्मृति सम्मान–2026” से दो विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया गया। साहित्य के क्षेत्र में लंबे समय से उल्लेखनीय योगदान देने वाली धनबाद (झारखंड) की सेवानिवृत्त शिक्षिका एवं साहित्यकार डॉ. श्रीमती अरुणा सोनी को साहित्य सृजन और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, आसनसोल चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव शम्भुनाथ झा को सामाजिक, व्यावसायिक एवं जनहित के कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका के लिए स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित अतिथियों को स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के संयोजक नवीन सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं श्रोताओं का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि “आस्था” संस्था पिछले कई वर्षों से साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है और भविष्य में भी यह परंपरा निरंतर जारी रहेगी। कार्यक्रम का दूसरा सत्र राष्ट्रीय स्तर के भव्य कवि सम्मेलन को समर्पित रहा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ओज के प्रख्यात कवि नरेन्द्र गुप्ता (रायगढ़) ने अपनी राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कविताओं से खूब तालियां बटोरीं। वहीं, प्रीति सुमन (सीतामढ़ी) और मंजु कुमारी (कोलकाता) ने श्रृंगार एवं संवेदनशील भावों से सजी कविताओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं का मन मोह लिया। हास्य कवि पवन बांके बिहारी ने अपनी व्यंग्यपूर्ण और हास्य रचनाओं से सभागार को ठहाकों से गूंजा दिया। कवि सम्मेलन का प्रभावशाली एवं सधे हुए अंदाज में मंच संचालन किया गया, जिसकी श्रोताओं ने मुक्तकंठ से सराहना की। पूरी शाम साहित्यिक वातावरण और कविताओं की गूंज से सभागार उत्साह एवं ऊर्जा से भरा रहा। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, हावड़ा हिंदी विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति डॉ. दामोदर मिश्र, आसनसोल गर्ल्स कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, कथाकार महावीर राजी, कथाकार सृंजय, अशोक आशीष, साहित्य अनुरागी सत्य नारायण दारुका, जगदीश शर्मा, सिल्विया डिक्रूज, कंचन सिंह, सुजाता सिंह रूपल, नीता श्रीवास्तव, सुचिता, अनिल सिंह, प्रदीप साहू, दिनेश गुप्ता गर्ग, आनंद कुमार, अखिलेश कुमार झा, आशिक शर्मा सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, उद्योगपति, शिक्षाविद एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डॉ. दामोदर मिश्र एवं डॉ. कृष्ण कुमार ने “आस्था” संस्था द्वारा साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी संस्थाएं समाज में रचनात्मक चेतना को जीवित रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। उन्होंने संस्था के संरक्षक अरुण कुमार अग्रवाल, अशोक अग्रवाल तथा पूरे अग्रवाल परिवार की प्रतिबद्धता और समर्पण की प्रशंसा की। संस्था के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने कहा कि “आस्था” का उद्देश्य केवल साहित्यिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में साहित्यिक संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के संरक्षक अरुण कुमार अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, उनके पुत्र अंकित अग्रवाल एवं आयुष अग्रवाल की सक्रिय भूमिका रही। वहीं, अग्रवाल परिवार की सदस्य नैना सर्राफ की उपस्थिति और सहभागिता को भी संस्था के उज्ज्वल भविष्य का सकारात्मक संकेत बताया गया। सम्मान समारोह का प्रभावी संचालन श्रीमती कविता शर्मा (कोलकाता) ने किया, जबकि अंत में संस्था के संरक्षक अशोक अग्रवाल ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, कवियों, सहयोगियों एवं श्रोताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।

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