
न्यूज डेस्क कोलकाता : पूर्व रेलवे की नई महाप्रबंधक सुश्री गीतिका पांडे के कोलकाता पहुंचकर अपना कार्यभार संभालने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उनके आगमन पर रेलवे अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गुलदस्ता देकर उनका भव्य स्वागत किया गया और अधिकारियों ने उनके प्रति जुड़ाव दिखाया। मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री मनीष कुमार गुप्ता ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। रेलवे अधिकारियों ने नई महाप्रबंधक के साथ औपचारिक मुलाकात कर पूर्व रेलवे के विभिन्न कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर संक्षिप्त चर्चा भी की। सुश्री गीतिका पांडे के नेतृत्व में पूर्व रेलवे के विकास कार्यों और यात्री सुविधाओं को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नई महाप्रबंधक के स्वागत के साथ ही पूर्व रेलवे में नए नेतृत्व का अध्याय शुरू हो गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि उनके कार्यकाल में रेलवे की विकास परियोजनाओं और यात्री सेवाओं को किस प्रकार नई दिशा मिलती है। भारतीय रेल के महत्वपूर्ण जोनों में शामिल पूर्व रेलवे को नया नेतृत्व मिल गया है। वर्ष 1990 बैच की भारतीय रेल लेखा सेवा यानी आईआरएएस की वरिष्ठ अधिकारी सुश्री गीतिका पांडे ने पूर्व रेलवे के नए महाप्रबंधक के रूप में पदभार संभाल लिया है। आइए जानते हैं उनके अब तक के शानदार प्रशासनिक सफर और रेलवे में दिए गए योगदान के बारे में। पूर्व रेलवे के मुख्यालय कोलकाता में शनिवार, 1 अगस्त को वरिष्ठ रेल अधिकारी सुश्री गीतिका पांडे ने नए महाप्रबंधक (जीएम) के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण किया। वह पूर्व महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर का स्थान लेंगी, जो भारतीय रेलवे में लगभग 39 वर्षों की उल्लेखनीय सेवा देने के बाद 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो गए। सुश्री गीतिका पांडे भारतीय रेल लेखा सेवा (आईआरएएस) की 1990 बैच की वरिष्ठ अधिकारी हैं। पदभार ग्रहण करने से पहले वह रेलवे बोर्ड में अतिरिक्त सदस्य (योजना) के रूप में कार्यरत थीं, जहां उन्होंने भारतीय रेलवे की वित्तीय योजनाओं और दीर्घकालिक विकास रणनीतियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने तीन दशक से अधिक लंबे प्रशासनिक करियर में गीतिका पांडे ने भारतीय रेलवे के कई महत्वपूर्ण विभागों और परियोजनाओं में अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है। उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में अतिरिक्त महाप्रबंधक (वित्त), सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन में प्रधान वित्तीय सलाहकार, उत्तर पश्चिम रेलवे में उप महाप्रबंधक (सामान्य), जोधपुर मंडल की मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तथा उत्तर पश्चिम रेलवे में प्रधान वित्तीय सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। रेल प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन और परियोजना क्रियान्वयन में उनके अनुभव को रेलवे की बड़ी ताकत माना जाता है। रेल विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन में प्रधान वित्तीय सलाहकार के रूप में उन्होंने 3,106.91 रूट किलोमीटर में फैली 16 महत्वपूर्ण रेल विद्युतीकरण परियोजनाओं को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई। इन परियोजनाओं ने रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण और ऊर्जा दक्षता को नई गति प्रदान की।इसके अलावा उत्तर पश्चिम रेलवे में प्रधान वित्तीय सलाहकार के रूप में उन्होंने उच्च मूल्य की पूंजीगत परियोजनाओं, जटिल लेखा परीक्षण मामलों तथा वित्तीय प्रणाली में सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों का सफल नेतृत्व किया। रेलवे बोर्ड में अतिरिक्त सदस्य (योजना) के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय रेलवे की वित्तीय रणनीति तैयार करने, बजट निर्माण, संसाधनों के बेहतर उपयोग, वित्तीय पूर्वानुमान तथा विभिन्न नीतिगत निर्णयों को अंतिम रूप देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। रेलवे के आधुनिकीकरण और दीर्घकालिक विकास की दिशा में उनकी योजनाओं को काफी सराहा गया।







