
साइबर अपराध और नशे के खिलाफ पुलिस का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
न्यूज डेस्क, आसनसोल : साइबर अपराध और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 29 सितंबर 2026 को आसनसोल के रेलपार स्थित जाहांगीरी मोहल्ला, आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पश्चिम बर्दवान, डिटेक्टिव डिपार्टमेंट और साइबर क्राइम थाना, आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के समन्वय से किया गया। कार्यक्रम में डीएलएसए, पश्चिम बर्दवान की सचिव श्रीमती अम्रपाली चक्रवर्ती, डीसीपी सेंट्रल ध्रुव दास सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने भी हिस्सा लिया और साइबर अपराध तथा नशे की समस्या से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और वक्ताओं ने लोगों को साइबर फ्रॉड की पहचान करने, उससे बचने और किसी घटना के शिकार होने पर तत्काल कदम उठाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। फर्जी फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया संदेश, फर्जी पहचान और विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रलोभनों के माध्यम से लोगों से निजी एवं बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा सकती है। नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी या अन्य संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान व्यक्ति के निर्देश पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सावधानी और जिम्मेदारी बरतना साइबर अपराध से बचाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम में साइबर अपराध की स्थिति में समय पर शिकायत दर्ज कराने के महत्व पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने नागरिकों से कहा कि यदि वे किसी ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो घटना को छिपाने या देरी करने के बजाय तत्काल संबंधित पुलिस अथॉरिटी को इसकी जानकारी दें। शुरुआती स्तर पर शिकायत मिलने से जांच और आवश्यक कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।जागरूकता कार्यक्रम में ड्रग एब्यूज यानी नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के गंभीर दुष्प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर सकता है। लोगों, विशेषकर युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने आसपास नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से संबंधित किसी समस्या की जानकारी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों तक इसकी सूचना देने की अपील की गई। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को समय पर सहायता और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। अधिकारियों ने लोगों को यह भी समझाया कि नशे से संबंधित समस्याओं को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिये से देखने के बजाय जागरूकता, रोकथाम और जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस, प्रशासन और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध और नशे जैसी सामाजिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए आम लोगों की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है। स्थानीय नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा तथा नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें। खासकर बच्चों और युवाओं को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल तथा नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से कहा गया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस और विभिन्न सरकारी संस्थाएं सीधे समुदाय तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। साइबर अपराध की रोकथाम, नशे के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता और नागरिकों के साथ मजबूत साझेदारी के जरिए एक सुरक्षित और अधिक जागरूक समाज का निर्माण करने की दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे।