आसनसोल : आसनसोल स्टेडियम में 65वें सुब्रत मुखर्जी कप अंतर विद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन शनिवार को बड़े ही उत्साह और खेल भावना के साथ किया गया। प्रतियोगिता में आसनसोल एवं आसपास के विभिन्न विद्यालयों की टीमों ने भाग लेकर अपने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और रोमांचक मुकाबलों ने पूरे स्टेडियम का माहौल खेलमय बना दिया।प्रतियोगिता के अंडर-15 बॉयज वर्ग में कल्ला हरिपद हाई स्कूल और बी हाई स्कूल के बीच मुकाबला खेला गया। दोनों टीमों ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। वहीं नेपाली पाड़ा हाई स्कूल और एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के बीच भी रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।इसके अलावा अंडर-17 बॉयज वर्ग में जेके नगर हाई स्कूल और बी हाई स्कूल के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों टीमों ने पूरे मैच के दौरान एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और दर्शकों को रोमांच से भरपूर मुकाबला देखने का अवसर मिला। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में जीत का जुनून और अनुशासन साफ दिखाई दिया।कार्यक्रम के दौरान क्रीड़ा भारती के जिला सचिव श्रीकांत सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में खेल प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।इस अवसर पर एबीआरएसएम के जिलाध्यक्ष चंचल रुईदास मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सुब्रत मुखर्जी कप जैसी प्रतियोगिताएं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना बनाए रखते हुए भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।प्रतियोगिता के समापन पर विजेता टीमों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंडर-15 गर्ल्स वर्ग में जीबी रामापद हाई स्कूल ने खिताब अपने नाम किया। अंडर-15 बॉयज वर्ग में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल विजेता बना, जबकि अंडर-17 बॉयज वर्ग में अंगदपुर हाई स्कूल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।प्रतियोगिता के सफल आयोजन में खेल विभाग, शिक्षकों, रेफरियों और आयोजकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विजेता खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने प्रशिक्षकों और विद्यालय परिवार को दिया तथा आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प व्यक्त किया।


