नाबालिग छात्रों से खून लेने के लिए पैसे का लालच देने का आरोप, तीन गिरफ्तार

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नाबालिग छात्रों से खून लेने के लिए पैसे का लालच देने का आरोप, तीन गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, दुर्गापुर : दुर्गापुर से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक प्राइवेट स्कूल के कुछ नाबालिग छात्रों को पैसे का लालच देकर उनसे खून डोनेट करवाया गया। आरोप यह भी है कि छात्रों को दुर्गापुर के बिधाननगर इलाके में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनसे खून लिया गया। मामले की शिकायत मिलने के बाद दुर्गापुर पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस पूरे मामले को लेकर गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। दुर्गापुर की इस्पात नगरी के एक प्राइवेट स्कूल से जुड़े कुछ नाबालिग छात्रों को कथित तौर पर पैसे का लालच देकर ब्लड डोनेशन के लिए ले जाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि छात्रों को दुर्गापुर के बिधाननगर इलाके के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनसे खून लिया गया। मामला सामने आने के बाद इसे लेकर इलाके में भी चर्चा शुरू हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद दुर्गापुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आने लगीं। जांच के दौरान सबसे पहले उसी स्कूल के एक पूर्व छात्र देबप्रिया चक्रवर्ती का नाम सामने आया। आरोप है कि देबप्रिया कथित तौर पर नाबालिग छात्रों से संपर्क करता था और उन्हें पैसे का लालच देकर अस्पताल ले जाता था। पुलिस ने देबप्रिया से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कथित तौर पर उसने एक अन्य युवक मोहम्मद हबीबुल्लाह का नाम लिया। बताया जा रहा है कि हबीबुल्लाह मूल रूप से मालदा का रहने वाला है और फिलहाल दुर्गापुर के बिधाननगर इलाके के एक प्राइवेट होटल में काम करता है। जांच के दौरान पुलिस के सामने कथित तौर पर एक और नाम आया अमित प्रसाद यादव। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच में यह आरोप सामने आया कि अमित प्रसाद यादव कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने में अहम भूमिका निभा रहा था। देबप्रिया के कथित बयान के मुताबिक, अमित प्रसाद यादव ने उसकी मां और सोने के गहने गिरवी रखकर उसे पैसे का लालच दिया था। आरोप है कि उसे यह कहा गया था कि वह जितने अधिक ब्लड डोनर लेकर आएगा, उसे उतने ही ज्यादा पैसे दिए जाएंगे। इसी लालच में कथित तौर पर नाबालिग छात्रों को भी इस गतिविधि में शामिल किया गया। हालांकि, पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वास्तव में कितने छात्रों को खून देने के लिए ले जाया गया था, उन्हें कितनी रकम का लालच दिया गया और इस पूरी प्रक्रिया में अस्पताल या अन्य किसी व्यक्ति की क्या भूमिका थी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी ही इस मामले से जुड़े हैं या इनके पीछे कोई और व्यक्ति अथवा बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है। गुरुवार रात दुर्गापुर थाने की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देबप्रिया चक्रवर्ती, मोहम्मद हबीबुल्लाह और अमित प्रसाद यादव के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांचकर्ताओं का मुख्य फोकस इस बात पर है कि नाबालिग छात्रों को किस तरह से संपर्क किया गया, उन्हें किसके कहने पर अस्पताल ले जाया गया और इस पूरी गतिविधि के पीछे आर्थिक लेन-देन का नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर नाबालिग छात्रों को कथित तौर पर पैसे का लालच देकर ब्लड डोनेशन के लिए क्यों ले जाया गया? क्या यह सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है?फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ हो सकेगी। नाबालिग छात्रों से जुड़े इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच अब इस बात पर टिकी है कि इस कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और क्या इस तरह से पहले भी नाबालिगों को पैसे का लालच देकर ब्लड डोनेशन के लिए इस्तेमाल किया गया था। फिलहाल तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस की जांच के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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