मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सुनीं आसनसोल के जनता की शिकायतें

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न्यूज डेस्क, आसनसोल : आसनसोल नगर निगम अंचल के नागरिकों की समस्याओं के पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य की शहरी विकास एवं नगरपालिका मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने गुरुवार को निगम मुख्यालय में “मुखोमुखी – सेवा, सहायता, समाधान” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत मंत्री ने स्वयं हेल्पलाइन नंबर 0341-2301155 एवं 0341-2301156 पर आने वाले नागरिकों के फोन कॉल रिसीव किए और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी एस पोन्नामबलम , नगर निगम की प्रशासक अदिति चौधरी, नगर निगम आयुक्त सुमन सौरव मोहंती, पुलिस के डीसीपी ट्रैफिक अविनाश जाधवार एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। करीब एक घंटे तक चली इस जनसुनवाई के दौरान मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने लगातार नागरिकों से बातचीत की और कुल 60 मिनट में 37 फोन कॉल रिसीव किए। प्रत्येक शिकायतकर्ता का नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा समस्या का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज किया गया। इसके साथ ही शिकायतों को तत्काल संबंधित विभागों के अधिकारियों के पास भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हेल्पलाइन पर सबसे अधिक शिकायतें पेयजल आपूर्ति, जर्जर सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट की खराब स्थिति, नालियों की सफाई, जल निकासी, कचरा प्रबंधन तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित प्राप्त हुईं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को बेहतर और जवाबदेह नगर सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भविष्य में भी किसी प्रकार की समस्या होने पर वे सीधे हेल्पलाइन या शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाएं। उनका कहना था कि प्रशासन तभी प्रभावी बन सकता है जब जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद बना रहे। इस अवसर पर मंत्री ने राज्य सरकार के नगर विकास विभाग द्वारा गठित ग्रीवांस सेल तथा 12 अंकों और 6 अंकों वाले हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई डिजिटल व्यवस्था के तहत नागरिक द्वारा दर्ज की गई शिकायत स्वतः संबंधित नगर निकाय को भेज दी जाएगी। शिकायत के समाधान तक उसका पूरा विवरण डिजिटल डैशबोर्ड पर सक्रिय रहेगा और वरिष्ठ अधिकारी उसकी नियमित निगरानी करेंगे। इससे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी। जनसुनवाई के दौरान सबसे अधिक शिकायतें पेयजल आपूर्ति से जुड़ी मिलने पर मंत्री ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले डेढ़ दशक में पेयजल परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए जाने के बावजूद नगर निगम के कई इलाकों में आज भी लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल नहीं मिल रहा है। उन्होंने अमृत योजना के तहत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की परियोजना की प्रगति पर भी सवाल उठाए। मंत्री ने कहा कि कई क्षेत्रों में अब तक घर-घर नल कनेक्शन नहीं पहुंच पाए हैं और जहां कनेक्शन दिए गए हैं, वहां भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को बिछाई गई पाइपलाइनों की गुणवत्ता की जांच कराने और आवश्यकता पड़ने पर दोषी एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने नगर निगम क्षेत्र में पाइपलाइन से अवैध रूप से मोटर लगाकर पानी खींचने की बढ़ती शिकायतों को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे सभी घरों की पहचान कर अवैध मोटर कनेक्शन तत्काल हटाए जाएं, ताकि सभी नागरिकों को समान रूप से पानी उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा अवैध तरीके से पानी खींचने के कारण पूरे मोहल्ले के लोग जल संकट का सामना करते हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिंघारण नदी पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती : कार्यक्रम के दौरान जामुड़िया क्षेत्र से सिंघारण नदी की जमीन पर कथित अतिक्रमण और कुछ औद्योगिक इकाइयों द्वारा नदी किनारे अवैध निर्माण किए जाने की शिकायतें भी सामने आईं। मंत्री ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीसीपी अविनाश जाधवार से कहा कि जिन औद्योगिक इकाइयों ने नदी की भूमि पर कब्जा किया है या अवैध निर्माण किया है, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मंत्री ने बताया कि नगर निगम पहले ही कई कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा चुका है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी उद्योग या संस्था को नदी की जमीन पर अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जहां-जहां फैक्टरियों की चहारदीवारी या अन्य निर्माण नदी की भूमि तक बढ़ा दिए गए हैं, वहां आवश्यक होने पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाया जाएगा और नदी की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि “मुखोमुखी – सेवा, सहायता, समाधान” केवल एक शिकायत सुनने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने की पहल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नागरिकों की प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से समाधान किया जाएगा और आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में पेयजल, सफाई, सड़क, रोशनी और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।

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