
न्यूज डेस्क, जामुड़िया : पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ाने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल सरकार की पहल पर मंगलवार से पूरे राज्य में ‘अरण्य सप्ताह’ अभियान की शुरुआत हो गई। इस राज्यव्यापी अभियान के तहत जामुड़िया के श्रीपुर स्थित गुंजन पार्क में भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को वृक्षारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। उद्घाटन समारोह में पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी एस. पोन्नावलम, आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणब कुमार, जामुड़िया के विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया और उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, लगातार बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने कहा कि यदि आज पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। वन विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि 20 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान एक मोबाइल जागरूकता वैन पूरे पश्चिम बर्दवान जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेगी। इस वैन के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा निःशुल्क पौधों का वितरण भी किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए जिले में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर जामुड़िया के विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देश पर आयोजित यह अभियान केवल औपचारिक पौधारोपण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रकृति और समाज के बीच संबंधों को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि नई पीढ़ी प्रकृति के महत्व को समझेगी, तभी भविष्य सुरक्षित और हरित बन सकेगा। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। जिस तरह एक बच्चे का पालन-पोषण किया जाता है, उसी तरह लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई और संरक्षण करना भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यदि हर नागरिक इस जिम्मेदारी को निभाए, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने लोगों से अपील की कि वे ‘अरण्य सप्ताह’ के दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाकर इस अभियान का हिस्सा बनें और अपने घर, विद्यालय, कार्यालय तथा आसपास के क्षेत्रों को हराभरा बनाने में योगदान दें। समारोह के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। इस अभियान के माध्यम से पूरे जिले में हरित वातावरण विकसित करने और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।