
न्यूज डेस्क, धनबाद : उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने मंगलवार को धनबाद समाहरणालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व संग्रहण, राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों, एसआईआर-2026, जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उपायुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में आयुक्त ने राजस्व विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों का निष्पादन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के लंबित मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही जाति, आय, आवासीय, जन्म-मृत्यु एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों के लिए प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन किया जाए, ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। आयुक्त ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तभी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा, जब प्रमाण-पत्रों और राजस्व संबंधी सेवाओं का समय पर निष्पादन होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर अनावश्यक विलंब को समाप्त किया जाए तथा शिकायत मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य हर हाल में हासिल किया जाना चाहिए। उन्होंने खनन, उत्पाद, निबंधन एवं अन्य राजस्व से जुड़े विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अवैध खनन, कर चोरी और राजस्व बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। राजस्व की हानि पहुंचाने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा कानून के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी राजस्व में वृद्धि हो सके। बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्षों से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी आम लोगों की परेशानी बढ़ाती है, इसलिए प्रत्येक राजस्व न्यायालय नियमित सुनवाई कर मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करे। उन्होंने लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग और मासिक समीक्षा पर भी जोर दिया। इसके बाद एसआईआर-2026 की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने डिजिटाइजेशन को विशेष प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेखों और दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए, जिससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहें, कार्यों में पारदर्शिता आए और भविष्य में प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सरल एवं प्रभावी बन सकें। उन्होंने आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि डिजिटल व्यवस्था से कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार आएगा। बैठक में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के तहत संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में धनबाद जिला प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी की राशि का उपयोग केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, पोषण तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर समय पर पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को उसका सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। जिन परियोजनाओं का कार्य धीमी गति से चल रहा है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। बैठक के अंत में आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने धनबाद जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों की सराहना करते हुए अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यशैली अपनाना आवश्यक है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे और जिले में सुशासन तथा विकास को नई गति देंगे।