
न्यूज डेस्क, दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला कारोबार पर लगाम लगाने के लिए राज्य पुलिस और ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के सुरक्षा अधिकारियों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त अभियान के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। जिले में सक्रिय संगठित अवैध कोयला तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई के तहत कोक ओवन थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने विशेष जांच अभियान चलाकर अवैध कोयले से लदे दो ट्रकों को जब्त कर लिया, जबकि दोनों वाहनों के चालकों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोक ओवन थाना क्षेत्र के कांजीलाल एवेन्यू इलाके में देर रात नियमित गश्त और विशेष तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस की नजर दो संदिग्ध ट्रकों पर पड़ी। संदेह के आधार पर जब दोनों वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली गई तो उनमें भारी मात्रा में कोयला लदा मिला। पुलिस ने ट्रक चालकों से कोयले के परिवहन से संबंधित चालान, रॉयल्टी रसीद, ई-वे बिल और अन्य आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन दोनों चालक कोई भी वैध कागजात नहीं दिखा सके। दस्तावेजों के अभाव में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों ट्रकों को कोयले समेत जब्त कर लिया और दोनों चालकों नवाब खलीफा तथा महरम अली को गिरफ्तार कर कोक ओवन थाना ले जाया गया। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। मंगलवार को दोनों आरोपियों को दुर्गापुर अनुमंडल न्यायालय में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अदालत से आरोपियों की हिरासत की मांग की ताकि अवैध कोयला कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। अदालत ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि जब्त किया गया कोयला दुर्गापुर की एक स्थानीय औद्योगिक इकाई या फैक्टरी तक पहुंचाया जाना था। हालांकि संबंधित फैक्टरी का नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि कोयले की खेप किसने भेजी थी, इसका वास्तविक खरीदार कौन था और इस पूरे परिवहन की व्यवस्था किसके निर्देश पर की जा रही थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच केवल ट्रक चालकों तक सीमित नहीं रहेगी। हिरासत में दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोयला किस खदान या क्षेत्र से अवैध रूप से निकाला गया था, इसके पीछे कौन-सा तस्करी गिरोह सक्रिय है तथा इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध जिले या राज्य के अन्य इलाकों में संचालित अवैध कोयला कारोबार से भी जुड़ा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन और कोयला तस्करी के खिलाफ आगे भी इसी तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध कोयले के उत्पादन, परिवहन और खरीद-बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।




