रामपुर चेकपोस्ट घूसकांड में बड़ा एक्शन, फरार दो एमवीआई गिरफ्तार

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न्यूज डेस्क, आसनसोल : पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि सरकार की नीति भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। मुख्यमंत्री का साफ संदेश है कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है। अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।” इसी नीति के तहत बंगाल-झारखंड सीमा पर स्थित रामपुर चेकपोस्ट पर सामने आए कथित अवैध वसूली और रिश्वतखोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, रामपुर चेकपोस्ट पर ट्रकों और अन्य व्यावसायिक वाहनों से अवैध रूप से पैसे वसूलने तथा रिश्वत लेने की शिकायत सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए दोनों अधिकारियों को पहले निलंबित किया गया और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी की आशंका के चलते दोनों आरोपी अपने-अपने ठिकाने छोड़कर फरार हो गए थे। मामले की जांच कर रही आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) लगातार उनकी तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी पश्चिम मेदिनीपुर के झाड़ग्राम जिले में एक गुप्त ठिकाने पर छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर डिटेक्टिव ब्रांच की टीम ने झाड़ग्राम में छापेमारी कर दोनों आरोपियों नाजिमुल हक और अनुपम बंद्योपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आसनसोल लाया गया और रविवार को आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की अनुमति मांगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित अवैध वसूली रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच केवल दो अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि चेकपोस्ट पर लंबे समय से चल रही कथित अवैध वसूली में अन्य सरकारी कर्मचारी, बिचौलिए या किसी संगठित गिरोह की भूमिका तो नहीं थी। साथ ही, रिश्वत के माध्यम से जुटाई गई राशि के लेन-देन और उसके पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। रामपुर चेकपोस्ट बंगाल और झारखंड के बीच मालवाहक वाहनों की आवाजाही का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में यहां रिश्वत और अवैध वसूली के आरोप सामने आने के बाद परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार के सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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