
न्यूज डेस्क, आसनसोल : आसनसोल के कुमारपुर ब्रिज के नीचे स्थित सड़क को बंद करने पहुंचे रेलवे अधिकारियों को सोमवार को स्थानीय लोगों के तीव्र ही नहीं भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सड़क बंद करने की प्रक्रिया शुरू होते ही बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण और स्थानीय निवासी मौके पर एकत्र हो गए तथा रेलवे के इस निर्णय का विरोध करते हुए काम रुकवा दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क बंद करने से पहले इस सड़क से जुड़े पांच वार्ड के लोगों के साथ प्रशासन के स्तर से बात चित कर उनके बात भी सुने जानी चाहिए थी। जब तक इस मामले में जिलाशासक और मंडल रेल प्रबंधक से बातचीत नहीं होती तथा स्थानीय लोगों को सड़क बंद होने से होने वाली समस्याओं का समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक सड़क बंद करने का कार्य किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। स्थिति की जानकारी मिलने पर आसनसोल साउथ पीपी से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांतिपूर्वक बातचीत कर रेलवे के कार्य में सहयोग करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि प्रशासन और रेलवे को पहले स्थानीय लोगों से चर्चा करनी चाहिए थी, क्योंकि इस सड़क का उपयोग प्रतिदिन हजारों लोग करते हैं। विरोध बढ़ता देख रेलवे कर्मियों ने फिलहाल सड़क बंद करने का कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया। स्थानीय निवासी सुमित रॉय, उमेश बर्णवाल, कार्तिक दास ने बताया कि कुमारपुर ब्रिज के नीचे की यह सड़क आसपास के पांच वार्डों के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन इसी रास्ते से बड़ी संख्या में राहगीर, दुपहिया वाहन चालक, स्कूली बच्चे, स्कूल वैन, स्थानीय व्यवसायी तथा अन्य वाहन गुजरते हैं। यदि इस सड़क को बंद कर दिया जाता है, तो लोगों को मजबूरन ऊपर बने रेलवे ओवरब्रिज से होकर आवागमन करना पड़ेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरब्रिज पर पहले भी कई गंभीर और जानलेवा सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में सभी प्रकार के यातायात का दबाव केवल ब्रिज पर डालना लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों को लेकर चलने वाली स्कूल वैनों और बुजुर्गों के लिए भी यह वैकल्पिक मार्ग सुविधाजनक नहीं है। लोगों ने यह भी आशंका जताई कि यदि ब्रिज के नीचे की सड़क पूरी तरह बंद कर दी गई, तो वहां का सुनसान इलाका असामाजिक और आपराधिक तत्वों का अड्डा बन सकता है, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क बंद करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वार्डवासियों और संबंधित विभागों के साथ बैठक कर सभी पक्षों की राय ली जाए। उनका कहना था कि जनसुविधा से जुड़े किसी भी फैसले में स्थानीय लोगों की भागीदारी आवश्यक है। बिना पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क बंद करना आम लोगों के हितों के विपरीत है। हालांकि इस पूरे मामले में रेलवे अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रेलवे की ओर से सड़क बंद करने के पीछे क्या तकनीकी या सुरक्षा संबंधी कारण हैं, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। उल्लेखनीय है कि कुमारपुर रेलवे लाइन पर लंबे समय से लगने वाले भीषण जाम और यातायात की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से कुमारपुर ब्रिज का निर्माण कराया गया था, ताकि लोगों का समय बचे और आवागमन सुगम हो सके। अब ब्रिज के निर्माण के बाद रेलवे द्वारा उसके नीचे से गुजरने वाली सड़क को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी निर्णय के विरोध में स्थानीय लोग आंदोलनरत हैं। फिलहाल रेलवे ने काम रोक दिया है, लेकिन जब तक प्रशासन, रेलवे अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच सहमति नहीं बनती, तब तक इस विवाद के जल्द सुलझने की संभावना कम दिखाई दे रही है।






