
न्यूज डेस्क, दिल्ली : नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में भारतीय व्यापार और वाणिज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सांसदों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की मेज़बानी करते हुए आयोजकों ने इसे बेहद महत्वपूर्ण और सार्थक अवसर बताया। इस दौरान देश के व्यापारिक क्षेत्र, एमएसएमई सेक्टर, रिटेल इकोसिस्टम, घरेलू उद्यमों और भारतीय व्यापारी समुदाय के भविष्य को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भारत की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए देश के छोटे व्यापारियों, एमएसएमई, स्टार्टअप और घरेलू उद्यमों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। व्यापारियों को बाजार तक आसान पहुंच, नई तकनीक, वित्तीय सुविधाएं, आधुनिक रिटेल व्यवस्था और व्यापक बिज़नेस नेटवर्क उपलब्ध कराने को लेकर भी चर्चा हुई। साथ ही, भारतीय उत्पादों को देश के विभिन्न बाजारों के साथ-साथ वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में कई सम्मानित सांसदों ने हिस्सा लिया। इनमें श्री चिंतामणि महाराज, डॉ. अनिल बोंडे, श्री सदानंद तनवड़े, श्री नवीन जिंदल, श्री कामाख्या प्रसाद तासा, श्री रमेश अवस्थी, श्री संजय भाटिया और श्री राजकुमार चाहर सहित अन्य सांसद शामिल रहे। सांसदों की भागीदारी ने बैठक को व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया और भारतीय व्यापार क्षेत्र की चुनौतियों तथा संभावनाओं पर गंभीर चर्चा का अवसर मिला। भारतीय व्यापार महोत्सव के माध्यम से व्यापारियों और उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंच, संभावित बिज़नेस पार्टनरशिप, नेटवर्किंग और आर्थिक विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले व्यापारियों और उद्यमियों को एक साझा मंच मिलेगा, जहां वे अपने उत्पादों, सेवाओं और नवाचारों को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित कर सकेंगे। महोत्सव के आयोजन में अब केवल पांच दिन शेष हैं और तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजक इसे केवल एक व्यापारिक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय भारतीय व्यापार जगत के लिए एक ऐतिहासिक पहल बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस पूरे अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के विज़न को आगे बढ़ाना है। इसके तहत देश में निर्मित उत्पादों, स्थानीय उद्यमियों और भारतीय ब्रांड्स को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि भारतीय व्यापार महोत्सव देश के व्यापारी समुदाय, MSME, स्टार्टअप और उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा और भारत को एक मजबूत, आत्मनिर्भर तथा वैश्विक व्यापारिक शक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।






