
न्यूज डेस्क, धनबाद/ कतरास : धनबाद जिले के विभिन्न कोलियरियों और आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ रही अवैध कोयला चोरी और खनन की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत कतरास क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के एक सक्रिय ठिकाने पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध कोयला बरामद किया गया। सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय कोयला तस्करी सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीआईएसएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि कतरास स्थित केसलपुर बंद अस्पताल के पीछे लंबे समय से अवैध रूप से कोयला निकालकर उसका भंडारण किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि होने के बाद सीआईएसएफ ने स्थानीय प्रशासन और रामकनाली थाना पुलिस के सहयोग से संयुक्त छापेमारी की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया और अवैध खनन स्थल पर कार्रवाई शुरू की। छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने लगभग 35 टन अवैध कोयला जब्त किया। बताया जा रहा है कि यह कोयला बंद या परित्यक्त खदानों से अवैध रूप से निकाला गया था और इसे विभिन्न कोयला डिपो, ईंट-भट्टों तथा औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाने की तैयारी चल रही थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में कोयले का भंडारण भी मिला, जिसे बाद में सुरक्षा एजेंसियों ने अपने कब्जे में ले लिया। अभियान के दौरान सीआईएसएफ और रामकनाली थाना पुलिस की टीम देर रात तक इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाती रही। सुरक्षा बलों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही अवैध खनन में लगे कई लोग मौके से फरार हो गए। हालांकि, अधिकारियों ने मौके से कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का दावा किया है, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। छापेमारी के दौरान कोयला परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले कई छोटे और बड़े वाहनों को भी जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन्हीं वाहनों के माध्यम से चोरी का कोयला विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब इन वाहनों के मालिकों और उनके परिचालकों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि वाहन मालिकों से पूछताछ के बाद अवैध कारोबार से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, धनबाद और कतरास क्षेत्र में लंबे समय से संगठित तरीके से कोयला चोरी का कारोबार संचालित किया जा रहा है। बंद खदानों और परित्यक्त खनन क्षेत्रों से रात के अंधेरे में अवैध रूप से कोयला निकालकर स्थानीय बाजारों, कोयला डिपो और छोटे उद्योगों तक पहुंचाया जाता है। इस अवैध कारोबार में कई लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। सीआईएसएफ की इस कार्रवाई के बाद कतरास और आसपास के इलाकों में सक्रिय अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद इतनी बड़ी कार्रवाई होने से कोयला चोरों के हौसलों पर असर पड़ेगा और अवैध खनन पर कुछ हद तक रोक लग सकेगी। सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अवैध कोयला खनन और तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोलियरियों और बंद खदानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और खुफिया निगरानी जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे संयुक्त अभियान लगातार चलाए जाएंगे और कोयला चोरी में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों का भी कहना है कि अवैध खनन और कोयला तस्करी के खिलाफ चल रहा अभियान आगे भी जारी रहेगा। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि जब्त किया गया कोयला किन लोगों का था, इसे कहां भेजा जाना था और इसके पीछे कौन-सा संगठित गिरोह सक्रिय है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





